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जैसे ही रीवा का वह वाक्य पूरा हुआ, आदेश की बाँहों का दबाव एक पल के लिए ढीला पड़ गया, फिर उसने उसे और भी कसकर अपने सीने से लगा लिया, ऐसे जैसे डर हो कि वह गायब हो जाएगी। उसकी साँसें अब भी तेज़ थीं, और उसकी धड़कनें, जो शांत होने का नाम नहीं ले रही थीं, रीवा के कानों में गूंज रही थीं।

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